Thursday, December 27, 2018

'दिल्ली में बड़े हमले की साज़िश' नाकाम, ISIS प्रभावित मॉड्यूल का पर्दाफ़ाश

एनआईए ने बुधवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनमें एक महिला भी शामिल है. सभी को गुरूवार को दिल्ली के पटियाला कोर्ट में एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

एनआईए के अनुसार दिल्ली के सीलमपुर और जाफ़राबाद में छह जगहों पर छापे मारे गए. यूपी में 11 जगहों पर छापेमारी हुई जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में एक जगह छापा मारा गया.

एनआईए के प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया, ''बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश और दिल्ली से पाँच-पाँच संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये लोग बम बनाने की एडवांस स्टेज पर थे.''

गिरफ़्तार हुए लोगों के संगठन 'हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम' को ख़ुद को इस्लामिक स्टेट बतानेवाले गुट से प्रभावित मॉड्यूल बताया जा रहा है.

एनआईए ने दावा किया, ''इस संगठन का सरगना मुफ्ती सुहेल इंटरनेट के माध्यम से विदेश में एक हैंडलर से जुड़ा हुआ था. ये लोग आईएस मॉड्यूल से प्रेरित थे, ऐसे में ये साफ़ है कि इस साज़िश में ये लोग क्यों शामिल हुए. ये लोग पहले कभी ऐसी किसी साज़िश में शामिल थे, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है.''

कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया गया था. छह अन्य लोगों के बारे में अभी जाँच चल रही है. 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जो लोग या तो दिल्ली से हैं या यूपी से.

अमरोहा का 29 साल का मुफ्ती सुहेल इस मॉड्यूल का सरगना है. वो अमरोहा की एक मस्जिद में मौलवी है. वो ही सबको प्रभावित करने वाला मुख्य शख़्स है. वही इन लोगों को अलग-अलग सामान लाने के निर्देश देता था. कैसे किससे मिलना है, क्या बात करनी है, ये सब वो लीडर बताता था. ये ग्रुप आत्मघाती हमलों की तैयारी कर रहा था, वो आत्मघाती जैकेट बना रहे थे. ये सामान अमरोहा में बन रहा था.

जिस लेवल की तैयारी थी उससे लगता है बहुत जल्दी हमले करने की योजना थी. इनका दो बातों पर ध्यान था, एक तो ये कि रिमोट संचालित बम बनाए जाएँ, और दूसरा कि ज़रूरत पड़ने पर आत्मघाती धमाका किया जाए.
इसके लिए उन्होंने अपना पैसा लगाया, कुछ लोगों ने घर से सोना चोरी कर बाज़ार में बेचा था उनसे हथियार और बाक़ी सामान ख़रीदा.

उन्होंने आपस में बातचीत के लिए व्हाट्सऐप और टेलिग्राम का इस्तेमाल किया. ये एक बिल्कुल नया आईएस प्रभावित मॉड्यूल था जो विदेश के किसी हैंडलर के संपर्क में थे.

अभी तक मिली जानकारी के हिसाब से लगभग 3-4 महीने पहले ये मॉड्यूल शुरू हुआ था. ये लोग कुछ अहम सुरक्षा स्थानों, अहम लोग और भीड़ वाली जगहों को निशाना बनाना चाहते थे

किसी एक स्टेज पर हमें इन्पुट्स मिले, जिसके बाद हमने अपना काम शुरू किया और अब आज ये छापेमारी हुई है. अभी तक की जानकारी के हिसाब से इन लोगों ने लोकल लेवल पर ट्रेनिंग ली है.

गिरफ्तार किए गए लोगों में ज़्यादातर की उम्र 20 से 30 साल के बीच है. ये अलग-अलग बैकग्राउंड के हैं, एक-दो की वेल्डिंग शॉप है, एक इंजीनियर है, एक बीए-पार्ट 3 में पढ़ रहा है, एक ऑटोड्राइवर है, एक की कपड़ों की दुकान है, एक मौलवी है.

यूपी में गिरफ्तार हुए लोगों में ऐमिटी यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग का एक स्टूडेंट भी है.
100 से ज़्यादा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. देसी रॉकेट लॉन्चर भी बरामद किए गए.

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