मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी को अपने पिता धीरुभाई अंबानी से विरासत में एक बड़ा कारोबारी साम्राज्य मिला था. पिता की मौत के बाद दोनों भाइयों के रिश्ते ठीक नहीं रहे.
एक दशक पहले दोनों भाइयों के रिश्ते में आई दरार सोमवार को उस वक़्त भरती दिखी जब अनिल अंबानी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुश्किल घड़ी में उनके भैया मुकेश और भाभी नीता ने जेल जाने से बचा लिया.
स्वीडन की कंपनी एरिक्सन को 7.7 करोड़ डॉलर का बकाया अनिल अंबानी को इसी हफ़्ते बुधवार तक चुकाना था. अगर वो नहीं चुकाते तो जेल जाना पड़ता. मुकेश अंबानी मुश्किल वक़्त में अपने भाई का सहारा बने और पैसे चुकाकर जेल जाने से बचा लिया.
मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक हैं. फ़ाइनैंशियल टाइम्स के अनुमान के मुताबिक़ मुकेश अंबानी के पास कुल 42 अरब डॉलर की संपत्ति है. शुरू में दोनों भाइयों का उभार हुआ और वे टॉप रहे. 2008 में तो अनिल अंबानी भी दुनिया के आठवें अमीर शख़्स थे.
अभी अनिल अंबानी को भले उनके भाई मुकेश अंबानी ने बचा लिया लेकिन ये भी सच है कि रिलायंस कम्युनिकेशन्स की बर्बादी में मुकेश अंबानी की नई टेलिकॉम कंपनी जियो का भी योगदान रहा.
16 साल पहले धनकुबेर पिता धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद दोनों भाइयों में कड़वाहट आ गई थी. धीरूभाई अंबानी ने अपने जीवन में रोज़ी-रोटी की शुरुआत यमन में एक पेट्रोल स्टेशन पर अटेंडेंट के तौर पर की थी.
भारत लौटने के बाद उन्होंने कपड़े का छोटा सा व्यापार शुरू किया और यह व्यापार रिलायंस इंडस्ट्रियल साम्राज्य तक पहुंचा. अनिल अंबानी का जन्म 1959 में हुआ था. उनकी परवरिश एक कारोबारी माहौल और परिवार में हुई.
कहा जाता है कि धीरूभाई अंबानी जब ज़िंदा थे तब से ही दोनों भाइयों की जीवनशैली में काफ़ी अंतर था. मुकेश अंबानी के बारे में कहा जाता है कि उन पर काम का भूत सवार रहता था तो अनिल में एक किस्म की आभिजात्यता थी.
2002 में पिता की मौत के बाद दोनों भाइयों में कारोबार का बंटवारा होना तय हो गया था. 2005 में इनकी मां ने दोनों भाइयों के बीच रिलायंस के कारोबार का बंटवारा किया. मुकेश को पेट्रोकेमिकल मिला तो अनिल के हिस्से में टेलिकॉम, फ़ाइनैंस और एनर्जी यूनिट्स आईं.
इस बँटवारे के साथ ही दोनों भाइयों के बीच प्रतिद्वंद्विता बढ़ती गई. 2008 में रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने दक्षिण अफ़्रीका में एमटीएन के साथ डील किया तो मुकेश अंबानी के लिए यह चौंकाने वाला था.
यह ट्रांसकॉन्टिनेंटल डील थी जिस पर मुकेश अंबानी की कंपनी आरआईएल ने कड़ी आपत्ति जताई थी. मुकेश अंबानी की कंपनी का कहना था कि अभी पारिवारिक सेटलमेंट से जुड़ी समस्याएं हैं इसलिए एमटीएन इस पर आगे नहीं बढ़े.
इसी साल वैश्विक मंदी आई और अनिल अंबानी पर इसकी गहरी मार पड़ी. इस मंदी में एक अनुमान के मुताबिक़ अनिल अंबानी को 31 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ.
दोनों भाइयों के बीच क़रार था कि वो एक दूसरे के कारोबार में नहीं आएंगे. 2010 में यह क़रार ख़त्म हो गया. मुकेश अंबानी ने क़रार ख़त्म होते ही अगले सात सालों में टेलिकॉम सेक्टर में 34 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा कर दी.
'द बिलियनेयर राज' नाम की किताब लिखने वाले और सिंगापुर में ली कुआन येव स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के प्रोफ़ेसर जेम्स कार्बट्री ने ब्लूमबर्ग से कहा है, ''यह बहुत ही बड़ा दांव था. जियो का आना बहुत बड़ी परिघटना साबित हुई.'
इस बात को हर कोई मानता है कि टेलिकॉम में मुकेश अंबानी की जियो के आने से अनिल अंबानी की मुश्किलों का पहाड़ और बड़ा हुआ. तीन साल के भीतर ही जियो के 30 करोड़ यूज़र्स हो गए. टीएसएल, टेलिनॉर और एमटीएस की तरह रिलायंस कम्युनिकेशन्स को भी अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ा.
जियो ने 4जी के प्राइस वॉर में सबको पीछे छोड़ दिया. जियो की एंट्री के पहले ही आरकॉम के शेयर में 9.54 फ़ीसदी की गिरावट आई और अक्टूबर 2017 में ऑरकॉम का शेयर 5.20 फ़ीसदी तक पहुंच गया.
2012 में आरकॉम को पीछे छोड़ वोडाफ़ोन दूसरे नंबर पर आ गई. 2016 में आरकॉम चौथे नंबर पर आ गई. सुप्रीम कोर्ट ने कई लाइसेंस रद्द किए तो सीबीआई जांच भी हुई.
अनिल अंबानी को भी अदालत का चक्कर लगाना पड़ा और स्वीकार किया कि उनकी कंपनी मुश्किल दौर में है. आरकॉम क़र्ज़ के जाल में फंसती गई और 2010 में 25 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ 43 हज़ार करोड़ तक पहुंच गया.
शाकाहारी अनिल अंबानी शराब नहीं पीते हैं. मैराथन दौड़ उनका शौक है. लेकिन कारोबार की दौड़ में उनके लड़खड़ाने की कहानी किसी भी उद्योगपति के लिए सबक से कम नहीं है. हिन्दू अख़बार से एक बार अनिल अंबानी ने कहा था कि वो रोज़ दो घंटे ट्रेडमिल पर बिताते हैं और 30 मिनट योग करते हैं.
कहा जाता है कि अनिल अंबानी ने अपने भाई से प्रतिद्वंद्विता को हर स्तर पर बढ़ाया. दोनों ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ काम करने के सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाए.
कई बार तो यह निचले स्तर तक पहुंच गया. मुकेश अंबानी ने अपनी पत्नी को 5.2 करोड़ डॉलर का एक जेट गिफ़्ट किया था तो अनिल अंबानी ने 8 करोड़ डॉलर का एक लग्ज़री यॉट गिफ्ट में दिया.
दोनों भाइयों में लड़ाई गैस के कारोबार को लेकर हुई और इसमें सरकार और कोर्ट को भी दख़ल देना पड़ा. मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज बंगाल की खाड़ी के डी6 ब्लॉक से गैस की सप्लाई छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेज में तय क़ीमत 2.34 डॉलर प्रति मिलियन थर्मल यूनिट्स पर करती थी.
यह 17 सालों का क़रार था. हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दावा किया कि यह सरकारी दर थी. 2007 में क़ीमत सीधे दोगुनी कर दी गई. यह क़ीमत सरकार ने तय की थी और तर्क था कि तेल की क़ीमत बढ़ रही है.
अनिल अंबानी इस मामले को कोर्ट में ले गए और मुंबई कोर्ट ने परिवार की मूल डील का समर्थन किया. इसके बाद सरकार भी खुलकर सामने आई और कहा कि गैस इन अरबपतियों की निजी संपत्ति नहीं है बल्कि ये राष्ट्रीय संपत्ति है.
मुकेश अंबानी मैराथन नहीं दौड़ते हैं पर वो भी शाकाहारी हैं. मुकेश का पसंदीदा भोजन दाल, रोटी और चावल है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने एक आलेख में कहा है कि पिछली सदी में महात्मा गांधी भारत के सबसे ताक़तवर शख़्स थे और अभी मुकेश अंबानी.
जिसका भाई इतना ताक़तवर हो उसका भाई जेल कैसे जाता. लेकिन अनिल अंबानी की मुश्किलें केवल एरिक्सन के क़र्ज़ तक ही सीमित नहीं हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुकेश अंबानी आगे भी अनिल के लिए तैयार रहेंगे.
Tuesday, March 19, 2019
Tuesday, March 12, 2019
钱信伊:在特朗普治下当一个华裔喜剧演员
谈到活跃在美国的华裔喜剧演员,钱信伊(Ronny Chieng)是一个不容忽视的名字。
在备受瞩目的好莱坞电影《疯狂亚洲富豪》(Crazy Rich Asians)中,他将势利的富豪表哥一角刻画得入木三分。在美国最受欢迎的脱口秀节目之一《每日秀》(The Daily Show),他是该节目首位常驻亚裔演员,与主持人崔佛·诺亚(Trevor Noah)一道,嬉笑怒骂点评美国政治与社会热点新闻。周一到周五美东时间晚上11点,数以百万计的观众会打开电视机或在网上收看节目,透过他们的表演去了解美国政治。
“活跃在喜剧舞台的亚裔并不多,因此我的目标是展现(亚裔的)视角,”钱信伊接受BBC中文采访时说,“如果我不做的话,我不知道谁会做这件事。”作为凤毛麟角的亚裔喜剧演员,钱信伊身上肩负着特殊的使命。
钱信伊在《每日秀》上的成名作是在2016年总统大选期间,以喜剧形式回击美国福克斯电视台一段涉嫌“辱华”的采访片段。由于“中国”在总统选举辩论中屡屡被谈及,福克斯电视台记者到纽约唐人街采访,聚焦多位不通晓英语的华裔居民迷惑的表情,又把空手道和跆拳道误认为中国文化,涉嫌文化挪用的报导引来歧视华裔的争议。
钱信伊随即在《每日秀》针锋相对地反驳福克斯电视台:“他们提到中国,你就去纽约的唐人街采访?他们提到墨西哥,你就派人去Taco Bell(墨西哥连锁餐饮品牌)吗?”
“他们(福克斯电视台)取笑华裔不懂政治,我们就用华裔的母语来采访一下,看看是不是这样子,”钱信伊对BBC中文回忆道。他也到纽约唐人街,以中文采访华裔居民,人们侃侃而谈对两位总统候选人的看法。《每日秀》该期节目播出后,在美国和中国的社交媒体上都获得热烈回响,赞许他以风趣幽默的方式为亚裔正名。
在政治日益分化的当今美国,以深入浅出的笑话触及主流大众、抗击针对少数族裔的种族歧视,变得尤为重要,而钱信伊拥有一个绝佳的平台。
脱口秀节目不仅是娱乐消遣,还是不少美国人获取政治新闻的资讯平台。皮尤研究中心的调查显示,25%的美国成年人透过深夜脱口秀节目来获取2016年总统大选的资讯。《每日秀》作为美国脱口秀节目的佼佼者,在30岁以下的年轻人群体中尤其具有号召力。
在他的喜剧事业初期,钱信伊很少在表演中触及政治话题。他曾在受访时说:“那时候,我认为有比我更聪明的人在谈论政治。我不想要投身到政治讨论里。”
“当我开始做喜剧时,我只是想让人们笑,但之后开始被放在这样的位置,”钱信伊对BBC中文说,“但我是一个专业人士,我可以承受这些压力。”
“但在这个过程中,我尝试做更多更有意义的事,”钱信伊说,“为弱势群体发声,无论他们是亚裔美国人还是亚洲人,还是别的不掌握美国主流话语权的群体。”
他举例说,特朗普的一则发言可能影响到许多人,而他希望反映亚裔群体对总统的发言会有什么看法,而同时,钱信伊深知亚裔一词背后代表的庞杂族群。
“亚裔美国人跟亚洲人不一样,亚裔本身也是一个简化的概念,”钱信伊说,亚裔其中囊括了数之不尽的族群,“我要确保能够展现其中的复杂性。”
作为一个住在美国的华裔马来西亚人,钱信伊有在表演中解释复杂身份认同的天然优势。
他出生在马来西亚,辗转新加坡、美国、澳大利亚等地受教育。2009年,在墨尔本大学本科四年级那年,这个攻读法学和商科学位的小伙子力排众议,探索他真正的兴趣,涉足脱口秀表演。“当时每个人都告诉我不要去(表演喜剧),那不会成功的。”
如今,钱信伊证明了他的天赋。在各类喜剧舞台上都能看到他活跃的身影,他参与创作并主演的电视喜剧《国际留学生》2017年在美国及澳大利亚播出,他还经常巡回世界各地演出脱口秀。
在备受瞩目的好莱坞电影《疯狂亚洲富豪》(Crazy Rich Asians)中,他将势利的富豪表哥一角刻画得入木三分。在美国最受欢迎的脱口秀节目之一《每日秀》(The Daily Show),他是该节目首位常驻亚裔演员,与主持人崔佛·诺亚(Trevor Noah)一道,嬉笑怒骂点评美国政治与社会热点新闻。周一到周五美东时间晚上11点,数以百万计的观众会打开电视机或在网上收看节目,透过他们的表演去了解美国政治。
“活跃在喜剧舞台的亚裔并不多,因此我的目标是展现(亚裔的)视角,”钱信伊接受BBC中文采访时说,“如果我不做的话,我不知道谁会做这件事。”作为凤毛麟角的亚裔喜剧演员,钱信伊身上肩负着特殊的使命。
钱信伊在《每日秀》上的成名作是在2016年总统大选期间,以喜剧形式回击美国福克斯电视台一段涉嫌“辱华”的采访片段。由于“中国”在总统选举辩论中屡屡被谈及,福克斯电视台记者到纽约唐人街采访,聚焦多位不通晓英语的华裔居民迷惑的表情,又把空手道和跆拳道误认为中国文化,涉嫌文化挪用的报导引来歧视华裔的争议。
钱信伊随即在《每日秀》针锋相对地反驳福克斯电视台:“他们提到中国,你就去纽约的唐人街采访?他们提到墨西哥,你就派人去Taco Bell(墨西哥连锁餐饮品牌)吗?”
“他们(福克斯电视台)取笑华裔不懂政治,我们就用华裔的母语来采访一下,看看是不是这样子,”钱信伊对BBC中文回忆道。他也到纽约唐人街,以中文采访华裔居民,人们侃侃而谈对两位总统候选人的看法。《每日秀》该期节目播出后,在美国和中国的社交媒体上都获得热烈回响,赞许他以风趣幽默的方式为亚裔正名。
在政治日益分化的当今美国,以深入浅出的笑话触及主流大众、抗击针对少数族裔的种族歧视,变得尤为重要,而钱信伊拥有一个绝佳的平台。
脱口秀节目不仅是娱乐消遣,还是不少美国人获取政治新闻的资讯平台。皮尤研究中心的调查显示,25%的美国成年人透过深夜脱口秀节目来获取2016年总统大选的资讯。《每日秀》作为美国脱口秀节目的佼佼者,在30岁以下的年轻人群体中尤其具有号召力。
在他的喜剧事业初期,钱信伊很少在表演中触及政治话题。他曾在受访时说:“那时候,我认为有比我更聪明的人在谈论政治。我不想要投身到政治讨论里。”
“当我开始做喜剧时,我只是想让人们笑,但之后开始被放在这样的位置,”钱信伊对BBC中文说,“但我是一个专业人士,我可以承受这些压力。”
“但在这个过程中,我尝试做更多更有意义的事,”钱信伊说,“为弱势群体发声,无论他们是亚裔美国人还是亚洲人,还是别的不掌握美国主流话语权的群体。”
他举例说,特朗普的一则发言可能影响到许多人,而他希望反映亚裔群体对总统的发言会有什么看法,而同时,钱信伊深知亚裔一词背后代表的庞杂族群。
“亚裔美国人跟亚洲人不一样,亚裔本身也是一个简化的概念,”钱信伊说,亚裔其中囊括了数之不尽的族群,“我要确保能够展现其中的复杂性。”
作为一个住在美国的华裔马来西亚人,钱信伊有在表演中解释复杂身份认同的天然优势。
他出生在马来西亚,辗转新加坡、美国、澳大利亚等地受教育。2009年,在墨尔本大学本科四年级那年,这个攻读法学和商科学位的小伙子力排众议,探索他真正的兴趣,涉足脱口秀表演。“当时每个人都告诉我不要去(表演喜剧),那不会成功的。”
如今,钱信伊证明了他的天赋。在各类喜剧舞台上都能看到他活跃的身影,他参与创作并主演的电视喜剧《国际留学生》2017年在美国及澳大利亚播出,他还经常巡回世界各地演出脱口秀。
Tuesday, March 5, 2019
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा मौत की सज़ा का फैसला: प्रेस रिव्यू
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में अपने ही दिए मौत की सज़ा के फ़ैसले को पलटते हुए बीते 16 साल से जेल में बंद छह लोगों को छोड़ने का आदेश दिया है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर में लिखा गया है कि ऐसा बहुत कम मामलों में होता है.
कोर्ट ने इन छह लोगों को न सिर्फ़ छोड़ा बल्कि पांच लाख रुपये मुआवज़े के तौर पर देने का भी आदेश दिया है. कोर्ट का कहना है कि उनके मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई है क्योंकि ये लोग खानाबदोश जनजाति से हैं.
इन छह लोगों को हत्या और बलत्कार के मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. बाद में इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर की गई और अब कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले में खामियां होने के चलते इन्हें रिहा करने का आदेश दिया है.
इन छह लोगों पर साल 2003 में नाशिक के एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या और एक महिला और उनकी बेटी के साथ बलात्कार करने और डकैती करने का आरोप लगाया गया था.
जस्टिस एके सीकरी, एस अब्दुल नज़ीर और एम आर शाह की बेंच ने इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस को फिर से जांच करने और अपराधियों को पकड़ने के आदेश दिए हैं.
अमर उजाला में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने आशंका जताई है कि अब भारत पर समुद्र के रास्ते चरमपंथी हमला हो सकता है.
उन्होंने कहा है कि नौसेना के पास जानकारी है कि चरमपंथियों को समुद्र मार्ग समेत अलग-अलग तरीकों से हमले करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
सुनील लांबा ने ये बात हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने वैश्विक विशेषज्ञों और राजनयिकों की मौजूदगी में कहा कि भारत को चरमपंथ का क्रूरतम रूप झेलना पड़ा है और राष्ट्र समर्थित चरमपंथ आज की सबसे बड़ी हकीकत है.
उनका कहना है कि भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान इस ख़तरे को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार पुलवामा हमले में मारे गए एक और सीआरपीएफ़ जवान की पत्नी ने बालाकोट में भारतीय हवाई हमले के सबूत मांगे हैं.
सीआरपीएफ़ जवान राम वकील की पत्नी गीता देवी ने कहा है कि केंद्र सरकार को चरमपंथियों के मारे जाने का कुछ सबूत देना चाहिए. राम वकील की बहन का भी कहना है कि लोगों को भी ये जानने की ज़रूरत है कि बालाकोट में क्या हुआ था.
एक हफ़्ते पहले पुलवामा हमले में ही मारे गए जवान प्रदीप कुमार की पत्नी शामली ने भी हमले में चरमपंथियों के मारे जाने के सबूत मांगे थे.
नवभारत टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में गाड़ियों के धुंए से होने वाले प्रदूषण को लेकर चेतावनी दी है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि गाड़ियों के धुंए से होने वाली मौतों में भारत दूसरे नंबर पर है. इस मामले में बड़े शहरों में दिल्ली छठे स्थान पर है.
वाहनों के धुएं के सेहत पर असर को लेकर हुए इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में साल 2015 के आंकड़ों को आधार बनाया गया है.
इसमें कहा गया है कि 2015 में दिल्ली में प्रदूषण से आठ लाख लोगों की जानें गईं थीं जिनमें से 74 हज़ार मौतें गाड़ियों के प्रदूषण के कारण हुई थीं.
कोर्ट ने इन छह लोगों को न सिर्फ़ छोड़ा बल्कि पांच लाख रुपये मुआवज़े के तौर पर देने का भी आदेश दिया है. कोर्ट का कहना है कि उनके मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई है क्योंकि ये लोग खानाबदोश जनजाति से हैं.
इन छह लोगों को हत्या और बलत्कार के मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. बाद में इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर की गई और अब कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले में खामियां होने के चलते इन्हें रिहा करने का आदेश दिया है.
इन छह लोगों पर साल 2003 में नाशिक के एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या और एक महिला और उनकी बेटी के साथ बलात्कार करने और डकैती करने का आरोप लगाया गया था.
जस्टिस एके सीकरी, एस अब्दुल नज़ीर और एम आर शाह की बेंच ने इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस को फिर से जांच करने और अपराधियों को पकड़ने के आदेश दिए हैं.
अमर उजाला में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने आशंका जताई है कि अब भारत पर समुद्र के रास्ते चरमपंथी हमला हो सकता है.
उन्होंने कहा है कि नौसेना के पास जानकारी है कि चरमपंथियों को समुद्र मार्ग समेत अलग-अलग तरीकों से हमले करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
सुनील लांबा ने ये बात हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने वैश्विक विशेषज्ञों और राजनयिकों की मौजूदगी में कहा कि भारत को चरमपंथ का क्रूरतम रूप झेलना पड़ा है और राष्ट्र समर्थित चरमपंथ आज की सबसे बड़ी हकीकत है.
उनका कहना है कि भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान इस ख़तरे को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार पुलवामा हमले में मारे गए एक और सीआरपीएफ़ जवान की पत्नी ने बालाकोट में भारतीय हवाई हमले के सबूत मांगे हैं.
सीआरपीएफ़ जवान राम वकील की पत्नी गीता देवी ने कहा है कि केंद्र सरकार को चरमपंथियों के मारे जाने का कुछ सबूत देना चाहिए. राम वकील की बहन का भी कहना है कि लोगों को भी ये जानने की ज़रूरत है कि बालाकोट में क्या हुआ था.
एक हफ़्ते पहले पुलवामा हमले में ही मारे गए जवान प्रदीप कुमार की पत्नी शामली ने भी हमले में चरमपंथियों के मारे जाने के सबूत मांगे थे.
नवभारत टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में गाड़ियों के धुंए से होने वाले प्रदूषण को लेकर चेतावनी दी है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि गाड़ियों के धुंए से होने वाली मौतों में भारत दूसरे नंबर पर है. इस मामले में बड़े शहरों में दिल्ली छठे स्थान पर है.
वाहनों के धुएं के सेहत पर असर को लेकर हुए इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में साल 2015 के आंकड़ों को आधार बनाया गया है.
इसमें कहा गया है कि 2015 में दिल्ली में प्रदूषण से आठ लाख लोगों की जानें गईं थीं जिनमें से 74 हज़ार मौतें गाड़ियों के प्रदूषण के कारण हुई थीं.
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